राव तुलाराम
1857 का संघर्ष • रेवाड़ी की गौरवगाथा
राव तुलाराम रेवाड़ी के शासक और 1857 के स्वतंत्रता-संघर्ष के प्रमुख योद्धाओं में गिने जाते हैं। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अभिलेख उनके नेतृत्व और ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष का उल्लेख करते हैं।
उनकी सेना ने नारनौल के निकट नसीबपुर में ब्रिटिश सेना का सामना किया। संघर्ष के बाद भी वे स्वतंत्रता के लिए समर्थन जुटाने के प्रयास में लगे रहे और विदेशों में सहायता प्राप्त करने का प्रयत्न किया।
उनकी स्मृति साहस, नेतृत्व और कठिन परिस्थितियों में प्रयास जारी रखने की प्रेरणा देती है। राव तुलाराम का योगदान रेवाड़ी और अहीरवाल के साथ भारत के स्वतंत्रता-संघर्ष की साझा विरासत का हिस्सा है।